• Quiet Storm
    Quiet Storm
Quiet Storm logo
    • Change photo
  • Delete photo

Quiet Storm

शब्दों से नहीं, एहसासों से लिखती हूँ।- अधूरी चाहतों और अनकहे रिश्तों की कहानियाँ।
  • 1 Follower

  • 31 Following

  • गाँव की वो गर्म दोपहरगाँव की वो गर्म दोपहर

    गाँव की वो गर्म दोपहर

    जब नेहा चार साल बाद अपने गाँव लौटी, तो सब कुछ वैसा ही था — शांत, धीमा, और ठहरा हुआ। लेकिन उस दोपहर, जब वो रघु काका के बरामदे में पहुँची, कुछ ऐसा हुआ जो शब्दों से परे था। उम्र का फासला, रिश्तों की मर्यादा, और भीतर कहीं दबी एक चाहत — सब एक पल में जैसे धूप में पिघल गए। यह कहानी सिर्फ देह की नहीं, उस स्पर्श की है जो दिल तक उतर जाता है। संवेदनशील, धीमी, और दिल को छू जाने वाली एक कहानी — जिसमें गर्मी सिर्फ मौसम की नहीं, रिश्तों की भी है।

    Quiet Storm
    Quiet Storm